श्री आमज माता
आमज माता (आमजा माता) का प्रसिद्ध और लगभग 1300 साल पुराना मंदिर राजस्थान के राजसमंद जिले में कुंभलगढ़ के पास रिछेड़ गाँव में पहाड़ियों के बीच स्थित है। यह मंदिर रिछेड़ माताजी’ के नाम से भी प्रसिद्ध है। यह दसाणा तंवर, काकाणी (माहेश्वरी) और अन्य समाजों की कुलदेवी हैं। Shri Aamaj Mata
कहा जाता है कि नाडोल के राव लाखनजी ने देसुरी के तंवरों पर हमला कर दिया था तब आमज ने देवी शक्ति के रूप में आकर अपने भाई दसाजी के पुत्र रिछाजी तंवर की रक्षा की थी। माताजी ने जहां पर्चा दिया था, वहां पर रिछाजी तंवर ने अपने नाम से रिछेड़ गांव बसाया और आमज माता के मंदिर की स्थापना की थी। यहां प्रतिवर्ष ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की नवमी के दिन दोपहर बाद मंदिर पर ध्वजा चढ़ती है एवं मेला लगता है। इसी प्रकार भादवा माह के शुक्लपक्ष की नवमी के दिन ‘माताजी’ की मीठी पूजा होती है एवं ‘खीर’ का भोग लगता है। पूरे रीछेड़ गाँव का इस दिन उत्पादित होने वाला दूध माताजी के मंदिर को जाता है एवं सिर्फ खीर का भण्डारा होता है।
तंवर राजवंश तथा श्री आमज माताजी से सम्बंधित ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक सामग्री का अध्ययन और संकलन कर इस विरासत को शब्दों में सहेजने का प्रयास किया है। Shri Aamaj Mata | Shri Amaj Mata
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