Jodhpur Rajya Ki Khajaana Bahi

जोधपुर राज्य की खजाना बही
Editor : Dr. Vikram Singh Bhati
Language : Rajasthani, Hindi
Edition : 2022
ISBN : 9789394649217
Publisher : Rajasthani Granthagar

1,100.00

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जोधपुर राज्य की खजाना बही

महाराजा जसवन्तसिंह द्वितीय Jodhpur Rajya Khajaana Bahi

मारवाड़ के पुरालेखीय स्रोतों में ‘जोधपुर राज्य की खजाना बही’ का विशेष महत्त्व रहा है। खजाना बही में मुख्य रूप से राजकोष से विभिन्न मदों पर खर्च हुई राशि का विवरण समाहित है। in fact बही में जोधपुर राजपरिवार के साथ ही दूसरे विभिन्न राज्यों, प्रशासनिक अधिकारियों, ठिकानेदारों, सरदारों, सेवकों के अलावा सामाजिक व सांस्कृतिक आयोजन एवं मान्यताओं, दूसरे राज्यों के साथ आपसी सम्बन्धों, न्याय प्रणाली के साथ ही विभिन्न कपड़ों, आभूषणों, सीख दस्तूर, नजराना दस्तूर, कारज दस्तूर, पडला व बत्तीसी दस्तूर का सविस्तार विवरण दिया गया मिलता है। Jodhpur Rajya Khajaana Bahi

जोधपुर के महाराजा जसवन्तसिंह (द्वितीय) से सम्बन्धित यह खजाना बही वि.सं. 1940 से till वि.सं. 1951 तक की है। इस खजाना बही में महाराजा जसवन्तसिंह (द्वितीय) के 11 वर्षों के प्रशासनिक, राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजघराने से जुड़े विभिन्न पक्षों के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारियां मिलती हैं।

जोधपुर के महाराजा तखतसिंह के पश्चात् महाराजा जसवन्तसिंह (द्वितीय) during वि.सं. 1929 की फाल्गुन सुदि 3 (ई.स. 1873 की 1 मार्च) को जोधपुर के उत्तराधिकारी बने थे। वे बड़े गुणी, दानी, शान्त, सरल और प्रजा प्रिय शासक थे। इनके छोटे भाई महाराज प्रतापसिंह बड़े विवेकशील और न्यायप्रिय थे। इन्होंने शिक्षा के कई द्वार खोले और समाज सुधार के क्षेत्र में अपनी महत्ती भूमिका निभाई। महाराजा जसवन्तसिंह (द्वितीय) के समय में ये मुसाहिबआला (प्रधानमंत्री) थे। वि.सं. 1930 (ई.स. 1873) में महाराजा जसवन्तसिंह (द्वितीय) ने सर्वप्रथम राज्य के कुशल प्रबन्ध और प्रजा के सुभीते के लिये ‘खास महकमा’ कायम किया और मुंशी फैजुल्ला खाँ को अपना मंत्री बनाया था।

also खजाना बही में मुख्य रूप से दीवान की फड़द, टकसाल विभाग, खासा-खजाना पर रुक्का, कपड़े के कोठार की फड़द, महकमे खास की फड़द, जरजरखाना की फड़द, जवाहरखाना की फड़द, खासा खजाना की फड़द के अन्तर्गत विभिन्न विवरण संजोया गया है। अन्य पुस्तकों के लिए

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