Maa Shakambhari ka Mandir tatha Shakambhar Ajaymeru ka Chauhan Rajvansh

माँ शाकम्भरी का मंदिर तथा शाकम्भर अजयमेरु का चौहान राजवंश
Author : Bindhyaraj Chauhan
Language : Hindi
Edition : 2015
ISBN : 9789384168353
Publisher : Rajasthani Granthagar

200.00

SKU: RG480 Categories: ,

माँ शाकम्भरी का मंदिर

शाकम्भरी देवी माँ आदिशक्ति जगदम्बा का एक सौम्य अवतार हैं। इन्हें चार भुजाओं और कही पर अष्टभुजाओं वाली के रुप में भी दर्शाया गया है। इनका सबसे बड़ा और सबसे प्राचीन सिद्धपीठ उत्तर प्रदेश के सहारनपुर मेे है। Maa Shakambhari Ajaymeru Chauhan

ये माँ ही वैष्णो देवी, चामुंडा, कांगड़ा वाली, ज्वाला, चिंतपूर्णी , कामाख्या,शिवालिक पर्वत वासिनी, चंडी, बाला सुंदरी, मनसा, नैना और शताक्षी देवी कहलाती है। माँ शाकम्भरी ही रक्तदंतिका, छिन्नमस्तिका, भीमादेवी,भ्रामरी और श्री कनकदुर्गा है। माँ श्री शाकंभरी के देश मे अनेक पीठ है। लेकिन प्रमुख और प्राचीन शक्तिपीठ केवल एक ही है जो सहारनपुर के पर्वतीय भाग मे है, यह मंदिर उत्तर भारत के सबसे अधिक देखे जाने वाले मंदिरों मे से एक है और उत्तर भारत मे वैष्णो देवी के बाद दूसरा सबसे प्रसिद्ध मंदिर है also इसके अलावा दो मंदिर भी है शाकम्भरी माता राजस्थान,को सकरायपीठ कहते हैं जोकि राजस्थान मे है और सांभर पीठ भी राजस्थान मे है।

presently वर्तमान मे उत्तर भारत की नौ देवियों मे शाकम्भरी देवी का नौंवा और अंतिम दर्शन होता है वैष्णो देवी से शुरू होने वाली नौ देवी यात्रा मे माँ चामुण्डा देवी, माँ वज्रेश्वरी देवी, माँ ज्वाला देवी, माँ चिंतपुरणी देवी, माँ नैना देवी, माँ मनसा देवी, माँ कालिका देवी, माँ शाकम्भरी देवी सहारनपुर आदि शामिल हैं। नौ देवियों मे माँ शाकम्भरी देवी का स्वरूप सर्वाधिक करूणामय और ममतामयी माँ का है।

शाकम्भर अजयमेरु का चौहान राजवंश

चौहानों ने मूल रूप से शाकंभरी (वर्तमान में सांभर लेक टाउन) में अपनी राजधानी बनाई थी। 10वीं शताब्दी तक, उन्होंने गुर्जर प्रतिहार जागीरदारों के रूप में शासन किया। जब त्रिपिट्री संघर्ष के बाद प्रतिहार शक्ति में गिरावट आई, तो चमन शासक सिमरजा ने महाराजाधिराज की उपाधि धारण की। 12वीं शताब्दी की शुरुआत में, अजयराजा ने राज्य की राजधानी को अजयमेरु (आधुनिक अजमेर) में स्थानांतरित कर दिया। for this reason चम्मन शासकों को अजमेर के चौहानों के रूप में भी जाना जाता है।

Maa Shakambhari Ajaymeru Chauhan

click >> अन्य सम्बन्धित पुस्तकें
click >> YouTube कहानियाँ

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Maa Shakambhari ka Mandir tatha Shakambhar Ajaymeru ka Chauhan Rajvansh”

Your email address will not be published.