बौद्ध-दर्शन में शान्ति, स्थापत्य एवं कला : बौद्ध अध्ययन केन्द्र जो महात्मा बुद्ध के उस दर्शन को जिसने छठी शताब्दी ई.पू. में वैदिक धर्म-दर्शन व समाज में आयी कुरीतियों, कर्मकाण्डों, खर्चीले यज्ञों, हिंसा में आमजन को मुक्ति प्रदान करते हुए आर्यसत्य, आष्टांगिकमार्ग, अहिंसा इत्यादि के माध्यम से एक नयी राह बतायी, फलस्वरूप थोड़े ही समय में लगभग सम्पूर्ण भारतीय समाज गौतम बुद्ध के दर्शन को स्वीकार व अंगीकार करके उनके बताये रास्ते पर चलने को तत्पर हुआ। इस प्रकार गौतम बुद्ध ने देवताओं के युग को एक तरह से समाप्त कर मानववादी युग की शुरूआत की, जिसमें वे सफल ही रहे।
प्रकाशित यह कृति, बौद्ध अध्ययन केन्द्र के एक पुष्प के रूप में आमजन व बुद्धिजीवियों के लिये लाभकारी होगी, जिसमें बौद्ध दर्शन, कला, स्थापत्य व शान्ति के विभिन्न पहलुओं को निरूपित किया गया है। प्रस्तुत पुस्तक में 23 शोधालेख संकलित है, जो बौद्ध धर्म-दर्शन व स्थापत्य के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हैं।
आशा है यह पुस्तक बौद्ध दर्शन, शान्ति, स्थापत्य एवं कला के अध्येताओं के लिये न केवल उपयोगी सिद्ध होगी, वरन् बौद्ध धर्म-दर्शन के प्रत्येक जिज्ञासु के लिये पठनीय सिद्ध होगी, साथ ही बौद्ध पुनर्जागरण आन्दोलन में एक मील का पत्थर साबित होने के साथ एक नयी दिशा, प्रज्ञा व करुणा से ओत-प्रोत होगी।
Bauddha-Darshan Mein Shanti, Sthapatya Evam Kala
बौद्ध-दर्शन में शान्ति, स्थापत्य एवं कला
Author : Arvind Parihar
Language : Hindi
Edition : 2018
ISBN : N/A
Publisher : RG GROUP
₹250.00
SKU: RG537
Categories: Biography & Festival, Buddha, Philosophy, RG God Goddess Saint, Self Help, Sociology, Stories, Tales & Moral
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