Sharirak Vimarsh

शारीरकविमर्श (हिन्दीअनुवादटिप्पणीसहित)
पण्डित मधुसूदन ओझा ग्रन्थमाला – 18
Author : Madhusudan Ojha, Ganeshilal Suthar
Language : Sanskrit, Hindi
Edition : 2015
ISBN : N/A
Publisher : Other

750.00

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शारीरकविमर्श (हिन्दीअनुवादटिप्पणीसहित)
पण्डित मधुसूदन ओझा ग्रन्थमाला – 18
‘शारीरकविमर्श’ ब्रह्मविज्ञान के विभाग के अन्तर्गत प्रणीत है, यह ब्रह्ममीमांसाशास्त्र से सम्बन्धित है। पं. मधुसूदन ओझा ने शारीरक दर्शन से सम्बन्धित इस ग्रन्थ में वेदविज्ञान के अन्य आनुषंगिक विषयों का भी समीक्षात्मक विवेचन किया है। शब्दमय वेद के पौरुषेयत्ववाद तथा अपौरुषेयत्ववाद, ब्रह्मसूत्र में शास्त्रब्रह्म और आत्मब्रह्म रूप द्विविध ब्रह्म-मीमांसा, ब्रह्ममीमांसा में उपनिषद् शास्त्रों और दर्शनशास्त्रों के विरोधाभासों का परिहार आदि वेदविज्ञान विषयक मतों के रहस्योद्घाटक प्रतिपादन के कारण ‘शारीरकविमर्शः’ उत्कृष्ट ग्रन्थ है।

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