Awad Katha Anant

आवड़ कथा अनन्त
Author : Madhav Singh Palawat
Language : Hindi
Edition : 2024
ISBN : 9788119488384
Publisher : Rajasthani Granthagar

Original price was: ₹1,100.00.Current price is: ₹879.00.

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आवड़ कथा अनन्त

आठवीं शताब्दी में आवड़ का प्राकट्य भारतीय इतिहास की युगान्तरकारी घटना है। accordingly सन् 712 ई. में अरबों की सिन्धुभूमि – विजय के उपरान्त जब सम्पूर्ण भारत पर विदेशी आधिपत्य एवं धर्मान्तरण का संकट उत्पन्न हो गया था तब आवड़ ने प्राचीन भारतीय जर्जर ऐतिहासिक संरचना को राजपूतकालीन साहस, शौर्य एवं उत्साह से समन्वित धारा में रूपान्तरित कर पश्चिमोत्तर सीमा पर विधर्मी आक्रान्ताओं के प्रतिरोध हेतु सुदृढ प्राचीर के रूप में भाटी राज्य का अभ्युदय कर देश, धर्म एवं प्रजा की रक्षा को सम्भव बनाया। Awad Katha Anant

आवड़ ने प्रजोत्पीडन में संलग्न आततातियों के अराजक तंत्र का मूलोच्छेदन कर उनके आतंक से जन-साधारण को मुक्ति प्रदान करते हुए प्रजा-रंजन में निरत शासकों को मूर्द्धाभिषिक्त किया, चारण एवं राजपूत जातियों के मध्य अनन्य सम्बन्धों की स्थापना कर क्षात्र धर्म का नवोन्मेष किया, वाममार्गियों एवं तांत्रिकों के भ्रमजाल का उच्छेदन कर उनके धर्मावरण में प्रच्छन्न पातक समुच्चय से त्रस्त निरीह नागरिकों का परित्राण किया तथा अन्धविश्वासों एवं रूढियों का खण्डन कर पुरुषार्थ की महत्ता स्थापित करते हुए जनमानस में अपूर्व चेतना का संचार किया जिसके फलस्वरूप वे जन-जन के हृदय में शक्ति के पूर्णावतार के रूप में प्रतिष्ठित हुईं।

वस्तुत: हिमालय से भी अत्युच्च आवड़ के अवदानों की कथा तो अनन्त है, जिसका शब्दांकन समुद्र-मन्थन के समान दुष्कर है। उसमें से उपलब्ध ऐतिहासिक, साहित्यिक एवं पुरातात्त्विक सूत्रों के आधार पर उनके अनिर्वचनीय अवदानों को निरूपति करने का लेखक ने श्रमसाध्य प्रयास किया है जिसमें बारह सौ वर्ष पूर्व का इतिहास जीवन्त होकर साहित्य में इतिहास एवं भूगोल के सामरस्य से इतिहास रस की अपूर्व सृष्टि हो गई है। surely प्रस्तुत रचना में इतिहास के अनेक नवीन तथ्य उद्घाटित हुए हैं जो इतिहास के पुनर्लेखन का आधार बनेंगे तथा साहित्य के माध्यम से इतिहास-लेखन की एक नवीन परम्परा का इससे सूत्रपात होगा। Awad Katha Anant

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