Rajasthan Ke Jaton Ka Sampurna Itihas

राजस्थान के जाटों का सम्पूर्ण इतिहास
Author : Dr. Pemaram
Language : Hindi
Edition : 2026
Pages : 911
Cover : Hardcover
ISBN : 9789372450675
Publisher : Rajasthani Granthagar

Original price was: ₹1,500.00.Current price is: ₹1,099.00.

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राजस्थान के जाटों का सम्पूर्ण इतिहास

जाटों का गौरवमय व गरिमामय इतिहास रहा है, उसे लेखनीबद्ध नहीं करने के कारण हमें उनके बारे में न्यूनतम जानकारी ही है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमने ‘जाटों का प्रामाणिक इतिहास’ लिखने का प्रयास किया है। इसमें इतिहास के उन पहलुओं को उजागर किया है, जिस पर जाट कौम गर्व कर सकती है। Jaton Ka Sampurna Itihas

जाट कौम ने ही विदेशी आक्रमणकारी महमूद गजनवी व मुहम्मद गौरी की प्रतिष्ठा को धूल में मिलाया था। इसी तरह लोकदेवता के रूप में जहां तेजाजी व बिग्गाजी ने समाज में एक विशेष स्थान बनाया है, वहीं संत शिरोमणि फूलीबाई ने भक्ति मार्ग द्वारा लोगों को मुक्ति का मार्ग बताया है। भक्त शिरोमणि रानाबाई तो वृन्दावन जाकर स्वयं भगवान गोपीनाथ को राधा सहित अपने गांव हरनावां ही ले आई थी, वहीं वात्सल्य भक्ति की प्रतिमूर्ति करमाबाई ने तो अपनी भक्ति से साक्षात् भगवान को अपने खीचड़े का भोग लगाने को विवश कर दिया था और धन्ना भक्त ने तो अपनी भक्ति के प्रताप से बिना बोये ही खेत में अन्न उपजा दिया था।

मुगल सम्राटों का मानमर्दन करने में भी जाट पीछे नहीं रहे थे। उनके लाख प्रयत्न करने के बाद भी महान् मुगल सम्राटों की नाक के नीचे उनकी राजधानी आगरा के पास ही अपना भरतपुर का राज्य स्थापित करने में जाट सफल हूए थे।

कहने का तात्पर्य यह है कि इस तरह की सैंकड़ों घटनां हैं, जिनका वर्णन इस पुस्तक में किया गया है। इस पुस्तक को पढ़ने से जहां जाट कौम में अपने पूर्वजों के कृत्यों पर गौरव का अनुभव होगा, वहीं दूसरे लोगों को भी जाट कौम के बारे में जानने का मौका मिलेगा। Jaton Ka Sampurna Itihas

The Complete History of the Jats of Rajasthan | Rajasthan Ke Jaton Ka Sampurna Itihas | Jaat Itihas

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