प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक
विश्व के देशों और शिक्षित भारतीयों के मस्तिष्क में यह अवधारणा रही है कि प्राचीन भारतीय संस्कृति मात्र धार्मिक और दर्शन के क्षेत्र में ही समृद्ध रही थी। हमारे प्राचीन तकनीकी और वैज्ञानिकों के योगदान को कमतर आंका गया है। Prasiddh Bhartiya Vaigyanik
प्राचीन समृद्धता से वर्तमान समय तक भारतीय वैज्ञानिकों के परिश्रम, उच्च बौद्धिक क्षमता और उनके योगदान को सामने लाने के उद्देश्य से ही प्राचीन समय से आधुनिक युग तक भारत देश को विश्व के मानचित्र पर विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाली विभिन्न भारतीय विभूतियों जैसे आर्य भट्ट, भास्कराचार्य, ब्रह्मगुप्त बराहमिहिर, डॉ. जगदीश चन्द्र बासु, डॉ. मोक्षगुण्डम विश्वैश्वरैया, डॉ. श्रीनिवास रामानुजन, डॉ. प्रफ्फुल चन्द्र राय, प्रोफेसर चन्द्र शेखर वेंकटरमन, प्रोफेसर बीरबल साहनी, डॉ. मेघनाद साहा, डॉ. शांति स्वरूप भटनागर, डॉ. सलीम अली, प्रोफेसर सत्येन्द्र नाथ बोस, प्रोफेसर के. एस. कृष्णन, डॉ. विक्रम साराभाई, डॉ. एम. एस स्वामीनाथन और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुलकलाम के व्यक्तित्व और उनके अनुसंधान कार्य को लिखने का प्रयास किया है।
देश के प्रति इन विभूतियों के समर्पण और वैज्ञानिक सोच से राष्ट को आगे बढ़ाने में इनके योगदान की जानकारी भावी पीढ़ी में छुपी वैज्ञानिक प्रतिभाओं को उभारने में सहायक सिद्ध होगी।
इसी कड़ी में पुस्तक में सम्मिलित क्विज प्रश्न हिन्दी माध्यम के विद्यार्थियों में सूक्ष्म अवबोध, तार्किकता, धैर्य, आत्मविश्वास और वैज्ञानिक सोच विकसित करने में उपयोगी सिद्ध होंगे। Prasiddh Bhartiya Vaigyanik
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