मारवाड़ का गौरव राव चन्द्रसेन एवं उनके वंशजों का इतिहास
राव चन्द्रसेनजी ने अपने जीवनकाल में लगभग 47 युद्धलड़े थे जिनका उल्लेख ख्यातों में एवं इतिहास ग्रंथों से प्राप्त होते हैं। वीर होने के साथ-साथ राष्ट्रप्रेमी थे, मातृभूमि के सच्चे सपूत के रूप में उन्होंने 6 बार मुगल बादशाह की फौजों से युद्ध किया, 8 बार जोधपुर गढ़ की रक्षार्थ वेढ़ की, 9 बार वे सैदां (सय्यदों) से लड़े, 3 बार अपने भाईयों से युद्ध किया, 4 बार भाटियों और 6 बार बलोचों से युद्ध किया। 11 बार रातीवास दिया अर्थात् अपने दुश्मनों के दुश्मनों को संरक्षण प्रदान किया। Marwar Gaurav Rao Chandrasen
Rao Chandrasen: The Pride of Marwar | Marwar Ka Gaurav Rao Chandrasen Evam Unke Vanshajo Ka Itihas
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