Ambedkar Chintan Aur Samajik Samarsata

अम्बेडकर चिंतन और सामाजिक समरसता
Author : Dr. Lokeshwari, Dr. Gita Samor
Language : Hindi
Edition : 2025
ISBN : 9789348239730
Publisher : Rajasthani Granthagar

Original price was: ₹600.00.Current price is: ₹479.00.

SKU: 9789348239730 Categories: ,

अम्बेडकर चिंतन और सामाजिक समरसता

डॉ. अम्बेडकर अध्ययन केन्द्र, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर का अत्यंत प्रतिष्ठित अध्ययन केन्द्र है। यह केन्द्र मार्च, 2008 में दसवीं पंचवर्षीय योजना के तहत, UGC, नई दिल्ली द्वारा राजस्थान विश्वविद्यालय में स्थापित किया गया। इस केन्द्र का उद्देश्य भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर के विचारों और वंचित वर्गों के कल्याण और अधिकारों हेतु उनके द्वारा प्रयासों को बढ़ावा देना है। भारतीय इतिहास में बाबा साहेब डॉ. बी. आर. अंबेडकर एक महान व्यक्तित्व है। Ambedkar Chintan Samajik Samarsata

भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार होने से लेकर दलित-वर्गों के लिए समानता और सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने तक भारतीय समाज में उनके अपार योगदान को इस अध्ययन केन्द्र के द्वारा प्रतिवर्ष संगोष्ठियों और व्याख्यानों के माध्यम से स्मरण और प्रवाहित किया जाता है तथा उनके समावेशन, समता और समाज सेवा के दृष्टिकोण को विभिन्न छात्र गतिविधियों द्वारा प्रसारित किया जाता है। इसी क्रम में ये सम्पादित पुस्तक उसी उद्देश्य को पूरा करते हुए डॉ. अम्बेडकर के सामाजिक-राजनैतिक चिंतन, दलित और सीमांत समूहों और वंचनाओं पर सृजित समूदायों का विश्लेषण करती है।

Ambedkar Chintan Samajik Samarsata

यह पुस्तक मुख्यत: दलितों, महिलाओं एवं बालकों और अन्य सीमांत समूह के समाजिक यथार्थ और असमानत के मुद्दों को उजागर करती है साथ ही उनके मानव अधिकार, समावेशन, सामाजिक न्याय व सशक्तिकरण के प्रयासों की विवेचना भी करती है। भारतीय संविधान उद्देशिका में डॉ. अंबेडकर ने नीहित किया कि समाज में न्याय, स्वतन्त्रता, समता, एकता और अखण्डता एक प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, पंथ निरपेक्ष और लोकतन्त्रात्मक राज्य व्यवस्था द्वारा सुनिश्चित की जा सकेगी। स्वतन्तत्रा के पश्चात् भारत में वंचित वर्गो के उत्थान हेतु अथक प्रयास किये गये परन्तु अभी भी सामाजिक न्याय और समानता प्राप्ती में कई बाधाएँ हैं। इन्हीं मुद्दों को विद्वानों द्वारा अपने लेखों में समाहित किया गया है। अत: यह पुस्तक डॉ.अम्बेडकर के चिंतन और सामाजिक समरसता की पूर्ण रुपरेखा प्रस्तुत करती है।

click >> अन्य पुस्तकें
click >> YouTube कहानियाँ

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Ambedkar Chintan Aur Samajik Samarsata”

Your email address will not be published. Required fields are marked *