उत्तर भारतीय ब्राह्मण गौत्र शासनावली : आज के वैज्ञानिक युग की चकाचौध एवं पश्चिमी सभ्यता की आंधी के बवण्डर में हमारे देश का युवक दिग्भ्रमित सा दिखाई दे रहा है। हमारे ऋषि-मुनि अपने-अपने ग्रन्थों की ज्ञान-ज्योति से अंधकार को दूर करने को सतत प्रयत्नशील रहे हे। प्राचीन काल से इस दायित्व का निर्वाह ब्राह्यण जाति (वर्ण) के द्वारा होता रहा है। महर्षि वेदव्यास ने अपने 18 पुराणों के माध्यम से आदि वैदिक ज्ञान ज्योति को सर्व सुलभ करने का भरसक प्रयास किया है, किन्तु खेद के साथ लिखना पड़ रहा है कि हमारे ब्राह्यण-युवकों की वर्तमान पीढ़ी कुछ अस्थिर चित होकर अपने पूर्वजों के ज्ञान से दूर होती जा रही है। आज उनमें अपने वंश, जाति, वर्ण, गोत्रादि की जानकारी का अभाव होता जा रहा है। फिर भी अधिकांश ब्राह्यण युवक यह जानने को उत्सुक दिखाई देते है। कि हमारा गोत्र, प्रचर, शासन, शाखा, वेद आदि क्या है ? इन सब जिज्ञासाओं को शान्त करने का प्रयास हमने इस पुस्तक में किया है।
Uttar Bhartiya Brahman Gotra Shasanawali
उत्तर भारतीय ब्राह्मण गौत्र शासनावली
Author : Mahaveer Prasad Sharma
Language : Hindi
Edition : 2018
ISBN : 9789385593901
Publisher : RAJASTHANI GRANTHAGAR
₹350.00
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