Rajasthan Ki Jhile Aur Talab

राजस्थान की झीलें और तालाब
Author : Y.D. Singh
Language : Hindi
Edition : 2024
ISBN : 9788197361951
Publisher : Rajasthani Granthagar

Original price was: ₹395.00.Current price is: ₹329.00.

SKU: 978-8197361951 Category:

राजस्थान की झीलें और तालाब

राजस्थान का अधिकांश भूभाग जलसंकट की विभीषिका एवं समस्या से प्रपीड़ित रहता है, जिसे प्राकृतिक प्रकोप अथवा देवीय अभिशाप भी कहा जा सकता है। उस संकट से छुटकारा दिलाने के लिए यहाँ के शासकों, समाजसेवियों और धर्मपरायण व्यक्तियों ने समय-समय पर ऐसे अनेक परम्परागत जलस्रोतों का निर्माण एवं विकास किया और कराया है, जिनसे जलापूर्ति के सुखद संसाधन जुट सके हैं। राजस्थान की झीलें, तालाब, कुएँ, बावड़ियाँ तथा छोटे-बड़े अनेक जल-संसाधन इस दिशा की ओर बढ़ते हुए सही कदम हैं जिनमें किया गया जल संचयन और जल संग्रहण तृषित जनता के लिए किसी भी दिव्य वरदान से कम नहीं है। Rajasthan Ki Jhile Aur Talab

प्रस्तुत पुस्तक की रचना का प्रमुख उद्देश्य राजस्थान की उन झीलों और तालाबों की विस्तृत जानकारी कराना है जो जोधपुर नगर तथा उसके पाश्र्ववर्ती भूभागों में अवस्थित हैं। इसके लेखक श्री वाई.डी. सिंह नेजोधपुर क्षेत्र के भिन्न-भिन्न भूखंडों में पैदल विचरण करते हुए सूर्यनगरी जोधपुर के परम्परागत पेयजल स्रोतों का प्रत्यक्ष दर्शन कर उनका प्रामाणिक इतिहास प्रस्तुत करने का जो मौलिक प्रयास किया है, वह उनकी आन्तरिक अभिरुचि एवं कठोर साधना का ही प्रतिफल है।

Rajasthan Ki Jhile Aur Talab

पुस्तक के प्रारम्भ में लेखक ने अपनी कृति की पृष्ठभूमि, प्रेरणा एवं प्रयास का स्पष्टीकरण करते हुए अपनी रचना का प्रयोजन निरूपित कर दिया है। उसने जोधपुर की पाँच प्रमुख झीलों का विवरण देने के पश्चात् शहर के परकोटे के भीतर तथा बाहर के तालाबों की ऐतिहासिक खोज करते हुए जो सामग्री जुटाई है, वह निश्चय ही मौलिक एवं उपयोगी है। उसके माध्यम से इन परम्परागत जलस्रोतों का वर्तमान जर्जरित स्वरूप भी प्रकट होता है जिसका जीर्णोद्धार कराने की आवश्यकता अनुभव की जानी चाहिए।

जोधपुर के सन्दर्भ में लिखित यह पुस्तक राजस्थान की झीलों और तालाबों की श्रृंखला में जुड़ी हुई एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसे पारम्परिक जलस्रोतों का एक प्रामाणिक लघु कोष कहना युक्ति संगत है। इसके अध्ययन और अनुशीलन द्वारा यह सत्य भी उद्घाटित हो सकेगा कि राजस्थान के लोकमानस में जलापूर्ति के जनकल्याणकारी साधन जुटाने की दिशा में कितनी अधिक ललक और धार्मिक प्रवृत्ति विद्यमान थी जिसके कारण यहाँ का शुष्क प्रदेश जलसंकट की विद्यमानता में भी राहत पाकर सुख की साँस लेता हुआ जीवित है।

प्रस्तुत पुस्तक सभी दृष्टियों से संग्रहणीय, पठनीय एवं विचारणीय सामग्री का संचित कोष है जिसमें राजस्थान के जलस्रोतों का पर्याप्त ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है।

click >> अन्य पुस्तकें
click >> YouTube कहानियाँ

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Rajasthan Ki Jhile Aur Talab”

Your email address will not be published. Required fields are marked *