Rajasthani Shakti-Kavya Ka Swaroop

राजस्थानी शक्ति-काव्य का स्वरूप
Author : Simantini Palawat
Language : Hindi
Edition : 2015
ISBN : 9789384168537
Publisher : RAJASTHANI GRANTHAGAR

350.00

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राजस्थानी शक्ति-काव्य का स्वरूप : राजस्थानी शक्ति-काव्य ऐश्वर्य एवं पराक्रम का काव्य है, जिसमें शक्ति-स्वरूपा नारी के श्रद्धा-समन्वित गौरवमय रूप की अभिव्यक्ति हुई है, जो राजस्थानी-साहित्य की विश्व-साहित्य को अमूल्य देन है। मुख्यतः पौराणिक देवियों एवं आद्या-शक्ति हिंगलाज की अवतारी परम्परा में ‘नौ लख लोवड़ियाल’ संज्ञा से अभिहित आवड़, बिरवड़, करणी, गीगाय प्रभृति चारण लोक-देवियों के आख्यान को उपजीव्य बनाकर रचित राजस्थानी शक्ति-काव्य में भारतीय संस्कृति की उदात्तता के स्वर अभिव्यक्त हुए हैं तथा राजस्थानी संस्कृति की स्त्रोतस्विनी का निनाद इसमें सम्पूर्ण वेग से ध्वनित हुआ है। राजस्थानी शक्ति-काव्य के स्वरूप का प्रस्तुत ग्रन्थ में शोध-परक परीक्षण करते हुए डॉ. सीमन्तिनी पालावत ने अनेक नवीन तथ्यों को उद्घाटित किया है, जो भावी अनुसंधानकर्ताओं का मार्ग प्रशस्त करेंगे। विदुषी लेखिका का यह प्रयास विश्व-साहित्य में भाव एवं वर्ण्य-विषय की उदात्तता तथा शिल्प की उत्कृष्टता से अभिमंडित राजस्थानी शक्ति-काव्य की अप्रतिम भूमिका को रेखांकित करने में सहायक सिद्ध होगा।

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