Rajasthan has a rich tradition of both oral narrative and written literature. The most famous song is “Kurja,” which tells the story of a woman who wishes to send a message to her absent husband by a Kurja (a type of bird), who is promised a priceless reward for his service. In the literary tradition, Chand Bardai’s epic poem Prithviraj Raso (or Chand Raisa), the earliest manuscript of which dates to the 12th century, is particularly notable.

राजस्थान में मौखिक कथा और लिखित साहित्य दोनों की समृद्ध परंपरा है। सबसे प्रसिद्ध गीत “कुरजा” है, जो एक महिला की कहानी बताता है जो कुरजा (एक प्रकार की पक्षी) द्वारा अपने अनुपस्थित पति को एक संदेश भेजने की इच्छा रखती है, जिसे उसकी सेवा के लिए एक अमूल्य इनाम का वादा किया जाता है। साहित्यिक परंपरा में, चंद बरदाई की महाकाव्य कविता पृथ्वीराज रासो (या चंद रायसा), जो 12 वीं शताब्दी की सबसे पुरानी पांडुलिपि है, विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

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