संस्कृत काव्य शास्त्र एवं काव्यांग | Sanskrit Kavya Shastra evam Kavyang

Language: Hindi
Edition: 2019
ISBN: 9789384406639

250.00

About The Author

प्रीति प्रभा गोयल | Priti Prabha Goyal

मानव जीवन में साहित्य का एक अपूर्व अद्वितीय स्थान है। जन्म लेने से ही वह साहित्य के विविध रूपों से परिचित होता जाता है। मां की लोरी गान के रूप में कविता, परियों की कथाएं, कक्षा में अक्षर ज्ञान के साथ जुड़े छोटे-छोटे दोहे सभी बालक को एक अद्भुत आनन्दलोक में ले जाते हैं; और यही साहित्य की विविध विधाओं का चरम लक्ष्य है।
ऐसे महत्वपूर्ण रसमय साहित्य किंवा काव्य को जानने, उसके गुण-दोषों को समझने तथा उसका मूल्यांकन करने के लिए संस्कृत काव्य-शास्त्र की आवश्यकता भी पण्डितजनों ने अपनी-अपनी रचनाओं से पूर्ण की।
प्रस्तुत पुस्तक में काव्य की विभिन्न प्रवृत्तियों, प्रयोजन, हेतु, लक्षण आदि का विस्तृत विवेचन है। सम्पूर्ण काव्यशास्त्रीय आचार्यों के ज्ञात जीवनवृत्त, समय तथा कृतियों का भी इसमें प्रतिपादन किया गया है। काव्य के रसों, प्रमुख अलंकारों तथा महत्वपूर्ण छन्दों के प्रतिपादन और विशद विवेचन को समाहित कर देने से प्रस्तुत पुस्तक संग्रहणीय बन गई है।

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